सितम्बर 2014 सुन्दर पिचई(गूगल के सीइओ) द्वारा एंड्राइड वन की लॉचिंग की गई जिसका मकसद 6000 रुपये के अंदर के मोबाइल में क्वालिटी और प्योर स्टॉक एंड्राइड को प्रदान करना था। गूगल ने इन एंड्राइड फ़ोन्स को एक रेफ़्रेन्स हार्डवेयर डिज़ाइन के साथ दो साल तक रेगुलर अपडेट्स देने का वादा किया।
भारत में माक्रोमैक्स (CANVAS A1)
,
कार्बन( SPARKLE V) और स्पाइस (DREAM UNO) पहली ऐसी मोबाइल कम्पनिया थीं जो एंड्राइड वन के साथ आई।
इसके बाद जुलाई-2015 में लावा (PIXEL V1)
आया और फिर काफी समय बाद साल 2018 में क्सिओमी के MI A1
भारत में माक्रोमैक्स (CANVAS A1)
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कार्बन( SPARKLE V) और स्पाइस (DREAM UNO) पहली ऐसी मोबाइल कम्पनिया थीं जो एंड्राइड वन के साथ आई।
इसके बाद जुलाई-2015 में लावा (PIXEL V1)
आया और फिर काफी समय बाद साल 2018 में क्सिओमी के MI A1
के साथ एंड्राइड वन लौट आया।
इन सभी एंड्राइड वन फ़ोन्स के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कम कीमत और अच्छी क्वालिटी के साथ गूगल द्वारा ही तैयार किया गया। अब क्यों की ये पूरी तरह से गूगल का प्रोडक्ट हैं तो एंड्राइड वन के सभी अपडेट्स दुसरे साधारण एंड्राइड फ़ोन से बहुत पहले से ही मिल जाएगा।
मतलब की दूसरे एंड्राइड फ़ोन्स जो की एंड्राइड वन के मुकाबले बहुत ज्यादा प्रचलित हैं उनके हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के अपडेट्स और कुछ हिस्से जैसे UI और APPS का निर्धारण मोबाइल बनाने वाली कंपनी ही करेगी।इसलिए इस ऑपरेटिंग सिस्टम को ओपन सोर्स और फ़ोन को OEM(ORIGINAL EQUIPMENT MANUFACTURING) कहा जाता है।
तो लगता है अब आप ANDROID ONE और ANDROID OS को जानते हैं।
इन सभी एंड्राइड वन फ़ोन्स के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कम कीमत और अच्छी क्वालिटी के साथ गूगल द्वारा ही तैयार किया गया। अब क्यों की ये पूरी तरह से गूगल का प्रोडक्ट हैं तो एंड्राइड वन के सभी अपडेट्स दुसरे साधारण एंड्राइड फ़ोन से बहुत पहले से ही मिल जाएगा।
मतलब की दूसरे एंड्राइड फ़ोन्स जो की एंड्राइड वन के मुकाबले बहुत ज्यादा प्रचलित हैं उनके हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के अपडेट्स और कुछ हिस्से जैसे UI और APPS का निर्धारण मोबाइल बनाने वाली कंपनी ही करेगी।इसलिए इस ऑपरेटिंग सिस्टम को ओपन सोर्स और फ़ोन को OEM(ORIGINAL EQUIPMENT MANUFACTURING) कहा जाता है।
तो लगता है अब आप ANDROID ONE और ANDROID OS को जानते हैं।
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